रत्ना और रचना - तुला राशि की दोनों चिट्ठाकारों को उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया हेतु बहुत-बहुत धन्यवाद . यदि ‘समकालीन सृजन’ पत्रिका के संपादक मण्डल के सदस्य के रूप में ( जिसके ताज़ा अंक ‘कविता इस समय’ से यह कविता ली गई है ) मुझे ऐसा कहने का अधिकार है तो आप काव्य-अंताक्षरी हेतु यह कविता ले सकती हैं . किसी कविता को ज्यादा से ज्यादा लोग पढें इससे अच्छा और क्या हो सकता है .
सुन्दर और भावपूर्ण।
Comment by ratna — August 29, 2006 @ 2:05 pm
अति सुन्दर !! क्या मै इस कविता को परिचर्चा पर “काव्यान्तक्षरी” के एक थ्रेड ‘हमारा घर’ के लिये ले सकती हूँ?
Comment by Rachana — September 1, 2006 @ 12:03 pm
रत्ना और रचना - तुला राशि की दोनों चिट्ठाकारों को उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया हेतु बहुत-बहुत धन्यवाद . यदि ‘समकालीन सृजन’ पत्रिका के संपादक मण्डल के सदस्य के रूप में ( जिसके ताज़ा अंक ‘कविता इस समय’ से यह कविता ली गई है ) मुझे ऐसा कहने का अधिकार है तो आप काव्य-अंताक्षरी हेतु यह कविता ले सकती हैं . किसी कविता को ज्यादा से ज्यादा लोग पढें इससे अच्छा और क्या हो सकता है .
Comment by प्रियंकर — October 5, 2006 @ 7:00 am