बधाई! मानिक दा बहुत-बहुत बधाई!

पुरस्कृत होंगे कवि मानिक बच्छावत
वरिष्ठ कवि,कला समीक्षक तथा समकालीन सृजन के प्रबंध सम्पादक मानिक बच्छावत को परसों यानी 14 सितंबर 2006 को राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वारा विज्ञान भवन में आयोजित सम्मान समारोह में ‘गंगाशरण सिंह पुरस्कार’ से सम्मानित किया जाएगा . केन्द्रीय हिन्दी संस्थान की हिन्दी सेवी सम्मान योजना के तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिन्दी के उन्नयन,विकास एवं प्रचार-प्रसार के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए समर्पित विद्वानों को प्रति वर्ष सम्मानित किया जाता है .
श्री मानिक बच्छावत को यह पुरस्कार हिन्दीतर भाषी प्रांतों में हिन्दी प्रचार-प्रसार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए जम्मू के डा० सत्यपाल शास्त्री के साथ संयुक्त रूप से दिया गया है . राजस्थान में बीकानेर के मूल निवासी श्री बच्छावत की जन्म और कर्मस्थली पश्चिम बंगाल का कोलकाता शहर रहा है जहां वे समकालीन सृजन , सांस्कृतिक पुनर्निर्माण मिशन तथा हिंदी मेला आदि साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के केन्द्र में रहे हैं .
केन्द्रीय हिंदी संस्थान की विज्ञप्ति के अनुसार हिंदी सेवी सम्मान योजना के तहत पुरस्कृत किए जाने वाले विद्वानों का चयन पारदर्शिता की दृष्टि से तीन चरणों में सम्पन्न हुआ. इस बार विविधता को दृष्टि में रख कर देश के अधिक से अधिक क्षेत्रों से विद्वानों का चयन किया गया है . विद्वानों को सम्मान स्वरूप एक लाख रुपए,एक शाल तथा प्रशस्तिपत्र प्रदान किया जाएगा .