जब तक पेड़ है ……..
रविदत्त पालीवाल की एक कविता
नसीहत
जब तक पेड़ है
छांव तो रहेगी
पलेगी, कहेगी –
धूप से
जितना तमतमाओगी
मुझमें निखार उतना
पाओगी
खिलो, पर तमतमाओ मत
डाकिया लाएगा तब
प्यार भरा खत ।
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रविदत्त पालीवाल की एक कविता
नसीहत
जब तक पेड़ है
छांव तो रहेगी
पलेगी, कहेगी –
धूप से
जितना तमतमाओगी
मुझमें निखार उतना
पाओगी
खिलो, पर तमतमाओ मत
डाकिया लाएगा तब
प्यार भरा खत ।
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