अनहद नाद

June 11, 2007

हमने उनके घर देखे

Filed under: Uncategorized — PRIYANKAR @ 8:28 am

गवत रावत

भगवत रावत की एक कविता

 

हमने उनके घर देखे

 

हमने उनके घर देखे

घर के भीतर घर देखे

घर के भी तलघर देखे

हमने उनके

डर देखे ।

 

********

ठ??वत रावत

Blog at WordPress.com.