अनहद नाद

June 29, 2007

तारों से भरा आसमान ऊपर

Filed under: Uncategorized — PRIYANKAR @ 1:24 pm

Bhavani bhai 

भवानी भाई की एक कविता

 

तारों से भरा आसमान ऊपर

 

तारों से भरा आसमान ऊपर

हृदय से हरा आदमी   भू पर

होता    रहता   हूं     रोमांचित

वह   देख कर     यह छूकर ।

 

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1 Comment »

  1. वाह क्या अभिव्यक्ती है…

    वह देख कर यह छूकर ।

    शानू

    Comment by सुनीता(शानू) — June 29, 2007 @ 1:44 pm

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