विनय दुबे की एक कविता
मैं तो कविता लिखता हूं
मैं जब कविता लिखता हूं
तो भूख को भूख लिखता हूं
विचार या विचारधारा नहीं लिखता
मैं जब कविता लिखता हूं
और कविता में तितली लिखता हूं
तो तितली को तितली लिखता हूं
विचार या विचारधारा नहीं लिखता
मैं जब कविता लिखता हूं
और कविता में स्त्री लिखता हूं
तो स्त्री को स्त्री लिखता हूं
विचार या विचारधारा नहीं लिखता
विचार या विचारधारा के बारे में
महासचिव प्रगतिशील लेखक संघ और
महासचिव जनवादी लेखक संघ से बातें करें
मैं तो कविता लिखता हूं ।
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( समकालीन सृजन के ‘कविता इस समय’ अंक से साभार )