अनहद नाद

August 2, 2007

कुंवर नारायण की एक कविता

Filed under: Uncategorized — PRIYANKAR @ 1:39 pm

उदासी के रंग

 

उदासी भी

एक पक्का रंग है जीवन का

 

उदासी के भी तमाम रंग होते हैं

जैसे

फ़क्कड़ जोगिया

पतझरी भूरा

फीका मटमैला

आसमानी नीला

वीरान हरा

बर्फ़ीला सफ़ेद

बुझता लाल

बीमार पीला

 

कभी-कभी धोखा होता

उल्लास के इंद्रधनुषी रंगों से खेलते वक्त

कि कहीं वे

किन्हीं उदासियों से ही

छीने हुए रंग तो नहीं हैं ?

 

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( समकालीन सृजन के ‘कविता इस समय’ अंक से साभार )

 

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