अनहद नाद

September 3, 2007

भारतभूषण अग्रवाल की एक कविता

Filed under: Uncategorized — PRIYANKAR @ 5:45 am

 

भारतत्व

 

गांवों में समाजवाद, शहरों में पूंजीवाद, दफ़्तर में सामन्तवाद

घर में अधिनायकत्व है

कभी-कभी लगता है

यही भारतत्व है ।

 

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