सीता को देखे सारा गांव
मशहूर पाकिस्तानी शायरा ज़हरा निगाह की एक कविता
बनवास
सीता को देखे सारा गांव
आग पे कैसे धरेगी पांव
बच जाए तो देवी मां है
जल जाए तो पापन
जिसका रूप जगत को ठंडक
अग्नी उसका दर्पन ?
सब जो चाहें सोचें समझें
लेकिन वो भगवान
वो तो खोट-कपट के बैरी
वो तो नहीं नादान !
अग्नी पार उतर के सीता
जीत गई विश्वास
देखा दोनों हाथ बढाए
राम खड़े थे पास
उस दिन से संगत में आया
सचमुच का बनवास
*****

