एक कविता पोस्टर

( समकालीन सृजन के भवानी भाई पर केन्द्रित अंक ‘भवानी प्रसाद मिश्र के आयाम’ के सम्पादक श्री लक्ष्मण केडिया के सौजन्य से प्राप्त )

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पोस्टर कैसे प्राप्त होगा ?
Comment by अफ़लातून — May 7, 2008 @ 6:09 am
अफलातून जी का प्रश्न मेरा भी है…आपकी प्रस्तुति अमूल्य है।
***राजीव रंजन प्रसाद
Comment by राजीव रंजन प्रसाद — May 7, 2008 @ 6:41 am
ये कविताये उर्जा देती हैं. सुंदर
Comment by Rajesh Roshan — May 7, 2008 @ 6:54 am
सुंदर । तस्वीर में दादा कुछ फैज की तरह दिख रहे हैं
Comment by yunus — May 7, 2008 @ 11:03 am
kyaa baat hai! aur aise postar upalabdh karaate rahiye.
yoonus, har dadhevaala aadamee ek zamane men taigor kee tarah dikhata atha. lekin bhavaani prasad mishr ka matalab ai bhavanee prasaad mishr.
Comment by vijayshankar chaturvedi — May 7, 2008 @ 4:25 pm
बहुत आभार!!
Comment by समीर लाल — May 7, 2008 @ 5:33 pm
बहुत सुंदर …ऎसी कविताओं से भविष्य में कविता के सृजन में मदद मिलती है…..धन्यवाद
Comment by reetesh gupta — May 11, 2008 @ 1:13 pm