तमसो मा ज्योतिर्गमय
पुकारें आंधियां चाहे
प्रभंजन मत्त सा डोले
क्षणों को लौ बनाता
ज्वालशिल्पी दीप यों बोले
थकन कैसी पराजय क्या
हमें अब रात का भय क्या !
( महादेवी वर्मा )
आप सब को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं !
– प्रियंकर पालीवाल
आभार इस रचना को प्रस्तुत करने का.
सुख औ’ समृद्धि आपके अंगना झिलमिलाएँ,
दीपक अमन के चारों दिशाओं में जगमगाएँ
खुशियाँ आपके द्वार पर आकर खुशी मनाएँ..
दीपावली पर्व की आपको ढेरों मंगलकामनाएँ!
-समीर लाल ’समीर’
By: समीर लाल ’उड़न तश्तरी’ वाले on October 16, 2009
at 2:30 pm
Deepawali ki dher sari shubhkamnayen
By: Manisha Pandey on October 16, 2009
at 2:38 pm
बहुत मंगलमय हो यह दीपावली आपको, परिवार को!
By: ज्ञान दत्त पाण्डेय on October 16, 2009
at 3:40 pm
ज्योति पर्व दीपावली
शत शत अभिनन्दन!
ढेरों शुभ कामनाएँ!
By: jayantijain on October 16, 2009
at 4:29 pm
रौशनियों के इस मायाजाल में
अनजान ड़रों के
खौ़फ़नाक इस जंजाल में
यह कौन अंधेरा छान रहा है
नीरवता के इस महाकाल में
कौन सुरों को तान रहा है
…..
……..
आओ अंधेरा छाने
आओ सुरों को तानें
आओ जुगनू बीनें
आओ कुछ तो जीलें
दो कश आंच के ले लें….
०००००
रवि कुमार
By: रवि कुमार, रावतभाटा on October 16, 2009
at 4:48 pm
आपको दीपावली की हार्दिक शुभकामनांए प्रियंकर जी.
By: Sanjeeva Tiwari on October 16, 2009
at 5:23 pm
पल पल सुनहरे फूल खिले , कभी न हो कांटों का सामना !
जिंदगी आपकी खुशियों से भरी रहे , दीपावली पर हमारी यही शुभकामना !!
By: संगीता पुरी on October 16, 2009
at 6:54 pm
प्रियंकर भाई
बहुत सरस काव्य दिया आज आपने
स स्नेह दीपावली की शुभकामनाएं
आपके परिवार के सभी के लिए
- लावण्या
By: - लावण्या on October 16, 2009
at 7:14 pm
ज्योतिष्पर्व दीपावली आपको सपरिवार सुख और समृद्धि दे। शुभकामनाएं।
इलाहाबाद की चिठ्ठाकारी गोष्ठी में आपका हार्दिक स्वागत है।
By: सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी on October 17, 2009
at 6:13 am
aapke blog pe aaj pehli baar aana hua….. bahut achcha laga…..
Regards…
By: Mahfooz on October 23, 2009
at 4:17 am