Posted by: PRIYANKAR | अगस्त 3, 2011

फ़रीद खां की एक कविता

निकाह की मुबारकबाद के साथ प्रस्तुत है सद्यविवाहित युवा कवि फ़रीद खां की एक कविता :

दादा जी साइकिल वाले

मैं ज्यों ज्यों बड़ा होता गया
मेरी साइकिल की ऊंचाई भी बढ़ती गई
और उन सभी साइकिलों को कसा था
पटना कॉलेज के सामने वाले ’दादा जी साइकिल वाले’ नाना ने

अशोक राजपथ पर दौड़ती, चलती, रेंगती

ज़्यादातर साइकिलें उनके हाथों से ही कसी थीं

पूरा पटना ही जैसे उनके चक्के पर चल रहा था
हाँफ रहा था
गंतव्य तक पहुँच रहा था

वहाँ से गुज़रने वाले सभी, वहाँ एक बार रुकते ज़रूर थे
सत सिरी अकाल कहने के लिए
चक्के में हवा भरने के लिए
नए प्लास्टिक के हत्थे या झालर लगवाने के लिए
चाय पी कर, साँस भर कर, आगे बढ़ जाने के लिए

पछिया चले या पुरवइया
पूरी फ़िज़ा में उनके ही पंप की हवा थी

हमारे स्कूल की छुट्टी जल्दी हो गई थी
हम सबने एक साथ दादा जी की दुकान पर ब्रेक लगाया
पर दादा जी की दुकान ख़ाली हो रही थी
तक़रीबन ख़ाली हो चुकी थी
मुझे वहाँ साइकिल में लगाने वाला आईना दिखा
मुझे वह चाहिए था, मैंने उठा लिया
इधर उधर देखा तो वहाँ उनके घर का कोई नहीं था

शाम को छः बजे दूरदर्शन ने पुष्टि कर दी
कि इन्दिरा गाँधी का देहांत हो गया

चार दिन बाद स्कूल खुले और हमें घर से निकलने की इजाज़त मिली
शहर, टेढ़े हुए चक्के पर घिसट रहा था

हवा सब में कम कम थी

स्कूल खुलने पर हम सब फिर से वहाँ रुके, हमेशा की तरह
मैंने आईने का दाम चुकाना चाहा
पर दादा जी, गुरु नानक की तरह सिर झुकाए निर्विकार से बैठे थे
उनके क्लीन शेव बेटे ने मेरे सिर पर हाथ फेर कर कहा,  ’रहने दो’
एक दानवीर दान कर रहा था आईना

उसके बाद लोग अपने-अपने चक्के में हवा अलग-अलग जगह से भरवाने लगे।
उसके बाद हर गली में पचास पैसे लेकर हवा भरने वाले बैठने लगे।

****


Responses

  1. मार्मिक पंक्तियाँ।

  2. ऐसी कविताएँ ही स्कूल के पाठ्यक्रम में होनी चाहिएँ ताकि अधिक से अधिक लोग भीड़ का हिस्सा बनने पर अपने बचपन की पढ़ी कविताओं को याद कर भीड़ से बाहर निकल आएँ. इस दुखद समय के लिए हम भारतीयसदा लज्जित रहेंगे.
    घुघूतीबासूती


Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Connecting to %s

श्रेणी

Follow

Get every new post delivered to your Inbox.